I'm Gaurav and I love to read StoryMirror contents.
नहीं सोचता पहले जब करता बुरे काण्ड है फिर ढूंढ़ता अपने रब को जब फूटता दुखो का भांड है नहीं सोचता पहले जब करता बुरे काण्ड है फिर ढूंढ़ता अपने रब को जब फूटता दुखो का ...