Bharat Bhushan Pathak
Literary Colonel
AUTHOR OF THE YEAR 2019,2021 - NOMINEE

82
पोस्ट
177
फोल्लोवेर्स
15
फॉलोविंग

मैं अभी  साहित्य के क्षेत्र में बहुत बड़ा नाम तो नहीं पर प्रयासरत हूँ।अब आप सभी को मेरा नया लेखनी नाम अच्छा लगेगा जो साहित्य संगम संस्थान द्वारा आदरणीय अशोक दीप जी भाई के कर-कमलों प्राप्त हुआ है:-भारत भूषण पाठक"देवांश"🙏🌹🙏 इस अभिलाषा के साथ मैं भी  एक न एक दिन अवश्य ही साहित्य के आसमान में बेखौफ... Read more

दोस्तों से साझा करें
Earned badges
See all

संसार के अस्तित्व का मूल कारण संस्कार है, यदि संस्कार न हो तो संसार कहाँ। हमारे शुद्ध आचरण ने ही संसार के अस्तित्व को बनाये रखा है, अन्यथा संसार को शवभूमि बनने में कितनी विलंब हो सकती है। अतएव संस्कार सुरक्षित रखें,संसार स्वतः सुरक्षित हो जाएगा। भारत भूषण पाठक"देवांश"🙏🌹🙏

स्वार्थी नहीं परमार्थी बनें। स्व-हित नहीं सर्व-हित का विचार करना प्रारम्भ करें। स्व-हिताय से आपका सम्भवतः क्षणिक कल्याण हो सर्व-हिताय से स्थायी कल्याण का मार्ग प्रशस्त हो पाएगा।।

What is the message of a new year Just to forgot your mistake and fear.

What is the message of a new year Just to forgot your mistake and fear.

What is the message of a new year Just to forgot your mistake and fear.

जीवन को सफल बनाने के लिए इसे संघषों के बारूद से पार कराना बहुत ही आवश्यक है।

जीवन का प्रारम्भ और अन्त तो होना ही है परन्तु जब तक जीवित हैं इन्सान बने रहें ये सर्वोत्तम है।

दीपावली का दीप है कहता आज तुमसे। आता नहीं जलना तो सीख लो मुझसे।।

To boost up others need to boost up yourself at first. As ,fire burns itself to burn others or for giving light to others .


फीड

लाइब्रेरी

लिखें

सूचना
प्रोफाइल