स्टोरीमिरर आमंत्रित करता है माता-पिता, देखभाल करने वालों और परिवारिक कहानीकारों को एक सौम्य लेकिन शक्तिशाली सवाल के साथ:
आप एक बच्चे को कैसे सिखाते हैं कि रुके, सोचे, और समझदारी से चुनाव करे – जब बड़ी भावनाएँ हावी हो जाएँ?
अविनाश परिहार की किताब आहाना एंड द टू ब्रेन्स की गर्मजोशी भरी और समझदार कहानी से प्रेरित यह प्रतियोगिता आपको एक माता-पिता के नज़रिए से – या ऐसी कहानी लिखने की चुनौती देती है जिसे आप अपने बच्चे के साथ पढ़ सकें।
इस बार आपकी कहानी एक ही परिवर्तनकारी पल पर केंद्रित होगी: वह क्षण जब आप अपने बच्चे को बेहतर ढंग से समझते हैं।
हो सकता है वह एक छोटी सी घटना थी – एक अचानक गुस्सा, एक अनकहा डर, एक सवाल जिसका जवाब आप नहीं दे सके।
हो सकता है वह पहली बार था जब आपने सच में अपने बच्चे की आँखों से दुनिया देखी।
उस पल ने बदल दिया कि आप कैसे सुनते हैं, कैसे प्रतिक्रिया देते हैं, कैसे मार्गदर्शन करते हैं।
आप इस कहानी के माता-पिता हैं।
क्या आप अपनी पेरेंटिंग यात्रा के एक सच्चे पल पर लिखेंगे?
क्या आप एक काल्पनिक मोड़ बनाएँगे जहाँ एक माता-पिता आखिरकार अपने बच्चे को "समझ" लेते हैं?
क्या आप दिखाएँगे कि कैसे समझ का वह एक पल भावनात्मक संतुलन और बेहतर चुनावों का दरवाजा खोल देता है?
यह प्रतियोगिता आपको एक छोटी, सौम्य कहानी (1000–2000 शब्द) लिखने की चुनौती देती है जो उस पल को कैद करती है जब एक माता-पिता अपने बच्चे को बेहतर समझते हैं – और कैसे वह समझ दोनों को बढ़ने में मदद करती है।
हमें दिखाएँ धैर्य।
हमें दिखाएँ समझदारी।
हमें दिखाएँ अपने बच्चे को सच में देखने की शक्ति।
10 अप्रैल 2026 – 7 मई 2026
मई 2026 का तीसरा सप्ताह