STORYMIRROR

Jaishree Ingle

Others

4  

Jaishree Ingle

Others

सडलं

सडलं

1 min
638

पाहून तिची साधी भोळी अदा रंगीन 

सावळ्या रंगाचा झालो मी हो शौकीन 

माझं मन हो तिच्या आठवणींत सडलं.....


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

More marathi poem from Jaishree Ingle

गुलाब

गुलाब

1 min पढ़ें

बधीर

बधीर

1 min पढ़ें

तुझी

तुझी

1 min पढ़ें

अंदर

अंदर

1 min पढ़ें

पोरं

पोरं

1 min पढ़ें

दररोज

दररोज

1 min पढ़ें

आधी

आधी

1 min पढ़ें

शराबी

शराबी

1 min पढ़ें