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ज़िन्दगी...

“ ज़िन्दगी अंजान सफर ही तो हैं जो चाहते हैं वो मिलता नही जो मिलता हैं उससे अंजान होते हैं कहाँ जाना हैं मालूम नही कहाँ पहुचेंगे मालूम नही बस ज़िन्दगी गुज़र रही हैं हम चल रहे हैं.. चलते जाना हैं...✍ नीतू अरोड़ा ”

By Nitu Arora
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