STORYMIRROR

वो एक दिन...

वो एक दिन फिर और गुज़र गया सोचा तजुर्बा कुछ और बढ़ गया पर वो कुछ बात है पुरानी थोड़ी अन्दर मेरे आँखें ख़ुली रहीं और सूरज सर चढ़ गया। ~सिद्धार्थ

By Siddharth Tripathi
 110


More hindi quote from Siddharth Tripathi
0 Likes   0 Comments
0 Likes   0 Comments