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विपरीत...

विपरीत परिवेश एवं भिन्न भिन्न संस्कारों से होकर भी आपसी समझ, सटीक तालमेल, सुख दुःख के सुर लय और ताल को समझते हुए जो रिश्ता गृह के भिन्न भिन्न रागों को बाँधे रख सकता है वह है पति-पत्नी। Aishani

By Aishani Aishani
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