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विपरीत...
विपरीत परिवेश...
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विपरीत...
“
विपरीत परिवेश एवं भिन्न भिन्न संस्कारों से होकर भी आपसी समझ, सटीक तालमेल, सुख दुःख के सुर लय और ताल को समझते हुए जो रिश्ता गृह के भिन्न भिन्न रागों को बाँधे रख सकता है वह है पति-पत्नी। Aishani
”
By
Aishani Aishani
206
नरकमेंलेजाताहैअंहकारकाद्वार।जीतसकोतोजीतलोसंस्कारसेसंसार।
परिस्थिति
परिवेश
सामंजस्य
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hindi quote
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Aishani Aishani
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