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वीरवार: अब जीवन...
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वीरवार: अब...
“
वीरवार: अब जीवन के सफ़र में, गुज़रे दिनों में जाना है। वर्तमान से संतुष्टि नहीं, बचपन फ़िर से जीना है। 10062021:16:10pm
”
By
Sumit. Malhotra
366
अब जीवन
के सफ़र में
गुज़रे
दिनों में
उगाचचिंतीतहोतो.हेसमजतउमजतअसूनहीकामाणूसवर्तमानातजगणसोडतो.अस्मिताप्रशांतपुष्पांजलि
संतुष्टि
संगसाथछूँटेनहीं
बचपनकीकहानी
फ़िर से
इश्कमेंजीना
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