STORYMIRROR
होम
श्रृंखला
कहानी
कविता
कोट
ऑडियो
खरीदें
प्रतियोगिताएं
पुरस्कार
अकादमी
हमारे बारे में
हमारे साथ जुडे
संपर्क करें
लॉग इन करें
Sign Up
Terms & Condition
गोपनीयता नीति"
श्रृंखला
कहानी
कविता
कोट
ऑडियो
प्रतियोगिताएं
पुरस्कार
खरीदें
अकादमी
गिवअवे
हमारे बारे में
संपर्क करें
उनसे मुख़ातिब...
उनसे मुख़ातिब...
En
English
Hi
हिन्दी
Gu
ગુજરાતી
Ma
मराठी
Or
ଓଡ଼ିଆ
Bn
বাংলা
Te
తెలుగు
Ta
தமிழ்
Ka
ಕನ್ನಡ
Ml
മലയാളം
लाइब्रेरी
नियम और शर्ते
गोपनीयता नीति"
साइनअप
लॉग इन
En
English
Hi
हिन्दी
Gu
ગુજરાતી
Ma
मराठी
Or
ଓଡ଼ିଆ
Bn
বাংলা
Te
తెలుగు
Ta
தமிழ்
Ka
ಕನ್ನಡ
Ml
മലയാളം
फीड
लाइब्रेरी
लिखें
सूचना
प्रोफाइल
उनसे...
“
उनसे मुख़ातिब होते वक़्त क़लम भी साथ रखता हूँ। नाफ़रमानी ना हो जाये उनके हर हुक्म को दरयाफ़्त रखता हूँ। उन्हें लगता है भूल जाता हू में । कोई बताओ उन्हें उनको ज़ेहन में हर लम्हा साथ साथ रखता हूँ। शाह तालिब
”
By
Shah Talib Ahmed
276
romance
classics
abstract
More
hindi quote
from
Shah Talib Ahmed
सब देखें
25
Likes
0
Comments
24
Likes
0
Comments
28
Likes
0
Comments
12
Likes
0
Comments
22
Likes
0
Comments
22
0
00:00
00:00
Download StoryMirror App