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उलझे...
उलझे हैं बेमौसम...
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उलझे हैं...
“
उलझे हैं बेमौसम हम, चंद सवालों में कहीं आकर बरसादो प्रेम, के गुम हैं बादल कहीं!
”
By
Harminder Kaur
29
सावनबरसात
बारिश
उलझन
बेमौसमी
प्रेमनश्वरनाखूबसूरतीनश्वर
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