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तू बन हर...

तू बन हर दीए की बाती, जल रौशन करता चला चल तू पी जा घुप्प अंधेरे को, जो है वर्षों से तम हलाहल... बन सूर्य किरण की तेज ताप, धरती की विस्मय खुशहाली हर पल हर दिन हर वर्ष तू बन, हर आग्रही की "शुभ दीपावली"...✍️🕉️

By Rajput Vishal
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