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तुम्हारे...

तुम्हारे कांधे पर सिर रखने को बेताब हे यह मन मेरे आखें तरसते हैं उनके बोझ को हलका करना खुलके जीना हे उस दिन मुझे, भुलाना हे जमाना सायद ही हलका हो जाऐ सारे दर्द जो कभी जुबां पे न आऐ तू साथ देना ए-मेरे हमसफर चाहे दुनिया अकेला कर जाऐ

By parineeta 💝pk💝
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