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तुम्हारे...

तुम्हारे इश्क की छाँव में रहने दो मुझे दिल के अहसास आज कहने दो मंज़िल का पता नहीं अन्जान सफ़र है तुम्हारे कदमों की चाप पे ताउम्र चलने दो मुझे हाँ यही तो इश्क है भावु।

By Bhavna Thaker
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