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तुम ही से ...

तुम ही से सब खुशियाँ इख़्तियार हैं दो जहान की कायदे से एक दफे खुद को फिर जिला के तो चलो अब भी आपके भींगे होंठों पे शबनम चमक उठेंगी अपने हुश्न को तिलिस्मी सा ख्वाब दिला के तो देखो सलिल सरोज कार्यकारी अधिकारी लोक सभा सचिवालय संसद भवन नई दिल्ल

By Salil Saroj
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