STORYMIRROR

"तेरे विरह...

"तेरे विरह में तड़प रही हुं, ओ श्याम" मुरली"धारी, हर पल तेरी याद आती है, ओ मेरे बांके बिहारी। आकर सुंदर मुखड़ा दिखा जा, तरस रही रात सारी, तेरे प्यारको तलस रही हुं, तुज़ बिन मै हुं अधूरी।" धनजीभाई गढीया"मुरली"

By Dhanjibhai gadhiya "murali"
 194


More hindi quote from Dhanjibhai gadhiya "murali"
0 Likes   0 Comments
0 Likes   0 Comments
0 Likes   0 Comments
0 Likes   0 Comments
0 Likes   0 Comments