STORYMIRROR

तेरे क़दमों...

तेरे क़दमों की आहट सुनी तो दिल में झंकार हुई बरसो से सोए अरमानो में हलचल फिर एक बार हुई मन के समंदर में सूखा सा था बरसो से लहरो की खलखल फिर एक बार हुई

By Rijul JAIN
 91