STORYMIRROR

सूरज हर शाम...

सूरज हर शाम क्यों ढलता है , दिन भर पिघलता है , शाम को जलता है , सूरज हर शाम क्यों ढलता है , खुद की बेचैनी को छुपाता है , ना जाने कहा गुम हो जाता है , फिर हर सुबह उसी अंदाज में, खुशियों के आगाज में निकलता है , सूरज हर शाम क्यों ढलता है।।

By Sumit Shukla
 765


More hindi quote from Sumit Shukla
1 Likes   0 Comments
1 Likes   0 Comments
39 Likes   0 Comments