STORYMIRROR

सोचते ही रह...

सोचते ही रह जाते हैं उस अगयार की बातें गुलों की आड़ में बैठे नुकीले खार की बातें प्रभात

By प्रभात मिश्र
 254


More hindi quote from प्रभात मिश्र
0 Likes   0 Comments
0 Likes   0 Comments
0 Likes   0 Comments
0 Likes   0 Comments
0 Likes   0 Comments