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समझ नहीं...
“
समझ नहीं आया की मौसम नाराज़ है, या मन उदास क्यूंकी न मौसम का हाल समझ आरहा है और नाहीं दिल का | बस जो बया नहीं हो पारहा ओ बादल बारिश के जरिए, और दिल आसूं के जारीए बाया कर रहा है | - Bhayodisha
”
By
Bhagyashree Subedar
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