STORYMIRROR

शून्य से...

शून्य से शुरू हुई यात्रा को निष्ठा, भाव, समर्पण, ज्ञान, उत्तरदायित्व, ईमानदारी, अखण्डता से भरने के लिये माता पिता, गुरुजन और उन सब का नमन जो जाने अनजाने में बहुत कुछ सीखा गये। Happy Teachers Day.

By HEM CHAND
 1010


More hindi quote from HEM CHAND
0 Likes   0 Comments
0 Likes   0 Comments
0 Likes   0 Comments
0 Likes   0 Comments
0 Likes   0 Comments