STORYMIRROR

सच की हस्ती...

सच की हस्ती बस इतनी है जनाब किसी धूल भरी आँधी कि मानिंद उड़ती तो है मानो सबकुछ तहस नहस कर देगी लेकिन झूठ की हल्की सी बारिश से ज़मीन पर पड़ी नज़र आती है

By Manjula Dusi
 116


More hindi quote from Manjula Dusi
1 Likes   0 Comments
1 Likes   1 Comments