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रुख हवाओं...

रुख हवाओं का मोड़ने की ज़िद क्यों करें हो के हवाओं पे सवार अब अपना सफ़र है तूफ़ान के वेग को पालों में भर के बढ़ चलो सट के नहीं बल्कि डट के रहने में असर है

By Sheetal Dange
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