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रंग मेरे...

“ रंग मेरे इश्क का , बेइंतहा चढ़ जाए मेरे प्यार की महक,उसकी रूह को महकाए बस जाऊं उसके दिल में,मैं एक गुलाब बन के ऐसा रोज डे हर साल हम मनाएं II राशि श्रीवास्तव ”

By RASHI SRIVASTAVA
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