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परोपकार...

“ परोपकार करने से मन को, होता है अकथनीय सा हर्ष। संलग्न रहें परहित में सदा ही, मिल के मनाएं हम सब ही नववर्ष। # गायत्री सिंह # ”

By Gayatri Singh
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