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पढ़ाई ही...

पढ़ाई ही मेरी दिन थी पढ़ाई ही मेरी रात थी जबतक तूने न बरा मेरा मांग अब तूही मेरा दिन हो तूही मेरा रात हो कैसे करी तुम्हारे लिए मेरा प्राण कुरबान सोचे थो समज आया तेरे दिल पे मेरा स्तान

By Sreemanthula Manorama Jyotshna
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