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पिघलकर साँझ की...
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पिघलकर साँझ...
“
पिघलकर साँझ की मखमली बाहों में. देखो सूरज कैसे लाल हुआ जाता है.
”
By
Avinash Kumar Barnwal
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hindi quote
from
Avinash Kumar Barnwal
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