STORYMIRROR

पहले दिल...

पहले दिल पढ़ता था अब चेहरे पढ़ता हूं आदमी दिल नहीं चहरे बदलने में माहिर है

By अधिवक्ता संजीव रामपाल मिश्रा बाबा
 241


More hindi quote from अधिवक्ता संजीव रामपाल मिश्रा बाबा
0 Likes   0 Comments
0 Likes   0 Comments
13 Likes   0 Comments
10 Likes   0 Comments
0 Likes   0 Comments