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ऑंख की कोर से...
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ऑंख की कोर...
“
ऑंख की कोर से बहने को उलझता ऑंसू चंद सपनों की छुवन पा के सिहरने सा लगा! रश्मि लहर
”
By
रश्मि संजय (रश्मि लहर) श्रीवास्तव
27
आणिनितीमत्ताजिवनाचेहेत्रीसुत्रअंगिकारूनचालतराहणे.हाचजीवनप्रवासहोय.🌸अस्मिताप्रशांतपुष्पांजलि🌸भंडारा
ऑंसूं
सपने
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रश्मि संजय (रश्मि लहर) श्रीवास्तव
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