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नवनीत सी...

नवनीत सी मखमली प्रभात की बेला, नव वर्ष के उत्कर्ष की पावन हर्षित बेला..! ना तोड़ना, ना छोड़ना ज़रूरतमंद को तुम अकेला, नव वर्ष का यही दृढ़ संकल्प हो मेरा.. !! Aishani

By Aishani Aishani
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