STORYMIRROR

नासमझ शायरी...

नासमझ शायरी समझते हैं मेरे दर्द को, और मुस्कुरा देता हूं मैं अरे कोई तो बताओ उन्हें, मुझे वाह नहीं, मरहम चाहिए

By robin jain
 1148


More hindi quote from robin jain
2 Likes   0 Comments