STORYMIRROR
होम
श्रृंखला
कहानी
कविता
कोट
ऑडियो
खरीदें
प्रतियोगिताएं
पुरस्कार
अकादमी
हमारे बारे में
हमारे साथ जुडे
संपर्क करें
लॉग इन करें
Sign Up
Terms & Condition
गोपनीयता नीति"
श्रृंखला
कहानी
कविता
कोट
ऑडियो
प्रतियोगिताएं
पुरस्कार
खरीदें
अकादमी
गिवअवे
हमारे बारे में
संपर्क करें
मुक़्क़र्...
मुक़्क़र्र खुद को...
En
English
Hi
हिन्दी
Gu
ગુજરાતી
Ma
मराठी
Or
ଓଡ଼ିଆ
Bn
বাংলা
Te
తెలుగు
Ta
தமிழ்
Ka
ಕನ್ನಡ
Ml
മലയാളം
लाइब्रेरी
नियम और शर्ते
गोपनीयता नीति"
साइनअप
लॉग इन
En
English
Hi
हिन्दी
Gu
ગુજરાતી
Ma
मराठी
Or
ଓଡ଼ିଆ
Bn
বাংলা
Te
తెలుగు
Ta
தமிழ்
Ka
ಕನ್ನಡ
Ml
മലയാളം
फीड
लाइब्रेरी
लिखें
सूचना
प्रोफाइल
मुक़्क़र्र...
“
मुक़्क़र्र खुद को ही सजा की तुमने, ये कहाँ जायज़ था! आख़िर, हम भी तो गुनहगार थे, तेरे इश्क़ में! " प्रवेश "
”
By
Parvesh Kumar
280
More
hindi quote
from
Parvesh Kumar
सब देखें
1
Likes
0
Comments
13
Likes
0
Comments
13
Likes
0
Comments
14
Likes
0
Comments
20
Likes
0
Comments
13
0
00:00
00:00
Download StoryMirror App