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मत सोच...

“ मत सोच ज़िन्दगी के धूप भरे दिनों में किस किस ने तुझे दौड़ाया था, उसे याद कर जिसने चिलचिलाती धूप में घर से निकल कर तुझे शीतल जल पिलाया था । ~अल्फाज़_ए_आनंद ”

By Anand Prakash Jain
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