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मोहब्बत में...

मोहब्बत में तुम्हारा कुछ फ़र्ज़ तो नहीं मुझ पर अब बाक़ी कुछ क़र्ज़ तो नहीं तुम थे तो था इस दिल को ग़ुरूर तुम बिन कोई शेर अब अर्ज़ तो नहीं

By Hemant Soni
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