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मनुष्य के...

मनुष्य के सभी अंग चेतना को अन्य सांसारिक पदार्थों का अनुभव करने और पहचानने हेतु प्रदान किए गए उपकरण के समान हैं। शरीर भौतिक पदार्थों से बना है यह कमजोर होकर एक पदार्थ से दूसरे पदार्थ में परिवर्तित होता रहता है और समय के अंत तक ये चक्र चलता है।

By Rahul S. Chandel
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