STORYMIRROR

मन्नत के...

मन्नत के धागे वृक्षों पर कई बार बांधे, मन्नत पूरी हुई या नहीं याद नहीं.. गए थे अधूरे आधे.. लेकिन लौटे सकारात्मकता लिए, मन को साधे। निमिषा सिंघल

By Nimisha Singhal
 359


More hindi quote from Nimisha Singhal
26 Likes   0 Comments