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मंगलवार: कब-...
“
मंगलवार: कब-तक प्रकृति का ऐसे शोषण होगा, ऐसे ही छेड़-छाड़ कर-कर हरण होगा। जैसे चैन की नींद एक बार पाना चाहते, सुकून की हवाएँ भूचाल बनाना चाहते। 29062021:10:07am
”
By
Sumit. Malhotra
321
कब-तक
प्रकृति
शोषण
रूखसतहोगाकोईतोरोएंगेयेजिस्मोजां/आआकेमिलकेजाएंवो-/होगातभीजन्नतेजहां
छेड़छाड़
कर-कर
उदाहरण
चैन की नींद
एक बार
हवाएँ
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