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मेरी...

मेरी रणछोड़राय के प्रति भक्ति से अगर मुझे कोई पागल समझे तो वो भी मंजूर है मुझे क्युकी जब कोई नही था तब एक वही परम पुरुषोत्तम मेरे सबकुछ थे डाकोर के नाथ राजाधिराज राजा रणछोड़राय - कवि शाह✍️🕊️

By Kavi Shah
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