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मौका कल भी...

मौका कल भी था, मौका आज भी है, लोगों से मिलने का। कल मुझे फुरसत नही था और आज फुरसत होकर भी, महामारी का डर रोक रहा है। अब बस सुबह की पहली धूप और रात की नींद ही मिल जाए तो बहुत है। - सस्मिता

By Sasmita Jena
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