STORYMIRROR

मौका कल भी...

मौका कल भी था, मौका आज भी है, लोगों से मिलने का। कल मुझे फुरसत नही था और आज फुरसत होकर भी, महामारी का डर रोक रहा है। अब बस सुबह की पहली धूप और रात की नींद ही मिल जाए तो बहुत है। - सस्मिता

By Sasmita Jena
 374


More hindi quote from Sasmita Jena
0 Likes   0 Comments
0 Likes   0 Comments
0 Likes   0 Comments
20 Likes   0 Comments
0 Likes   0 Comments