STORYMIRROR

मैने ये शेर...

मैने ये शेर पढ़ा दर्द से मरते मरते मेरी आंखे क्यू ना फूट गई यह वसीयत को पढ़ते पढ़ते वृद्ध मां बाप अपना हाल ए दर्द सुनाते रहे रोते रोते बच्चे संपत्ति के लालच में मारते रहे यह कहते कहते मेरे क्यू नही नाम कर रहा संपत्ति जिंदा रहते रहते

By राजेश "बनारसी बाबू"
 166


More hindi quote from राजेश "बनारसी बाबू"
0 Likes   0 Comments
0 Likes   0 Comments
0 Likes   0 Comments
0 Likes   0 Comments
0 Likes   0 Comments