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माॅ॑ का...

माॅ॑ का दुलार समेटे, प्यार, लाड़ और परवाह। एक पल में लाड़ लड़ाए, तो दूजे ही पल फिक्र करें। बचपन पल्लवित हो, पुष्पित होता, दुलार और माॅ॑ का गहरा है नाता। -प्रियंका सक्सेना

By Priyanka Saxena
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