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लफ़्ज़ों...

लफ़्ज़ों में कैसे बताऊँ उस दर्द की गहराई... जहाँ किसी की याद में एक मजबूत इंसान भी घुटनों पर बैठकर बच्चों की तरह फूट-फूट कर रोता है। इश्क का वो पागलपन इंसान को ज़िंदा तो रखता है, पर उसकी हर सांस मौत से भी ज्यादा भारी हो जाती है।"

By Gurpreet Single
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