STORYMIRROR
होम
श्रृंखला
कहानी
कविता
कोट
ऑडियो
खरीदें
प्रतियोगिताएं
पुरस्कार
अकादमी
हमारे बारे में
हमारे साथ जुडे
संपर्क करें
लॉग इन करें
Sign Up
Terms & Condition
गोपनीयता नीति"
श्रृंखला
कहानी
कविता
कोट
ऑडियो
प्रतियोगिताएं
पुरस्कार
खरीदें
अकादमी
गिवअवे
हमारे बारे में
संपर्क करें
लाखों...
लाखों है। ग़म...
En
English
Hi
हिन्दी
Gu
ગુજરાતી
Ma
मराठी
Or
ଓଡ଼ିଆ
Bn
বাংলা
Te
తెలుగు
Ta
தமிழ்
Ka
ಕನ್ನಡ
Ml
മലയാളം
लाइब्रेरी
नियम और शर्ते
गोपनीयता नीति"
साइनअप
लॉग इन
En
English
Hi
हिन्दी
Gu
ગુજરાતી
Ma
मराठी
Or
ଓଡ଼ିଆ
Bn
বাংলা
Te
తెలుగు
Ta
தமிழ்
Ka
ಕನ್ನಡ
Ml
മലയാളം
फीड
लाइब्रेरी
लिखें
सूचना
प्रोफाइल
लाखों है।...
“
लाखों है। ग़म ज़माने में कुछ अपनों के ,कुछ बेगानों के । फिर भी जीवन तो जीना है, तो क्यों न बिंदास जिया जाए।। सावित्री गर्ग
”
By
savitri garg
34
तपाकर ग़म भट्टी
ज़माने
बिंदास
उजियारा
आणिनितीमत्ताजिवनाचेहेत्रीसुत्रअंगिकारूनचालतराहणे.हाचजीवनप्रवासहोय.🌸अस्मिताप्रशांतपुष्पांजलि🌸भंडारा
More
hindi quote
from
savitri garg
सब देखें
1
Likes
0
Comments
1
Likes
0
Comments
1
Likes
0
Comments
1
Likes
0
Comments
1
Likes
0
Comments
1
0
00:00
00:00
Download StoryMirror App