savitri garg
Literary Lieutenant
63
Posts
7
Followers
76
Following

I'm savitri and I love to read StoryMirror contents.

Share with friends
Earned badges
See all

शिकायतें तो तुमसे अनगिनत है क्योंकि लगाव जो है तुमसे। वरना आप कौन मैं कौन।। सावित्री गर्ग

किसी ने कहा तुम ऐसी हो,। किसी ने कहा तुम वैसी हो।। मगर मैंने एक दिन दर्पण में निहारा तो दर्पण ने कहा कि जैसी हो वैसी ही रहना, तुम जैसी हो वैसी ही ही सही हो।। सावित्री गर्ग

हममें खूबियां कितनी किसी ने न जाना। जाना तो बस हममें कमियां क्या है।। सावित्री गर्ग

महिलाओं के लिए कुछ खास बहुत हुआ दूसरों के लिए जीना। चलो अपने लिए भी कुछ पल चुराते हैं।। सावित्री गर्ग

आपकी खामोशी को लोगों ने गलत समझ लिया। लोगों को पता हि नहीं कि आपकी खामोशी ने न जाने क्या-क्या कर दिया।। सावित्री गर्ग

हमने चुप रहना क्या सीख लिया लोग हमें पागल समझने लगे। लो ! हमने ज़रा सा क्या बोल दिया लोग बुरा मान गए।। # सावित्री गर्ग

लोगों को खुश करने के प्रयत्न में हम हमेशा के लिए दुखी हो गये। लोगों को छोड़ो वो कभी न खुश हुए हैं न होगे, तो क्यों न! हम ही खुश हो लें।। #सावित्री गर्ग

लाखों है। ग़म ज़माने में कुछ अपनों के ,कुछ बेगानों के । फिर भी जीवन तो जीना है, तो क्यों न बिंदास जिया जाए।। सावित्री गर्ग

जो हमारे पास है हमने उसकी कद्र न की। सदा हम उसके पीछे भागते रहे जो हमारा कभी न था सावित्री गर्ग


Feed

Library

Write

Notification
Profile