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क्रोध लोभ...
“
क्रोध लोभ से उत्पन्न होता हैं , असूया से बढ़ता हैं और क्षमा से रुक कर अंततः इसी से नष्ट हो जाता हैं | प्रभात
”
By
प्रभात मिश्र
18
क्रोध
पैसेकालोभहैबुरा
जिनकेलिएकोईस्पष्टीकरणतथाकोईक्षमानमांगनीपड़े।
आओबोयेंस्वप्नप्रेमकेनीति-गंगामेंनहाएंहम
वोक्याकरेगाजीवनमेंज्ञानसे।जोजन्मलेकरगोदमेंइंसानकीकरनसकाप्यारजोइंसानसे।
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प्रभात मिश्र
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