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कल मिले आज...

कल मिले आज बिछड़े फ़साने बन जाते है गर मोहब्बत छड़ें परवान तो ज़माने भूल जाते है तो गर नाम अमर करना है अधूरी मोहब्बत कर के देख शमा को जला पर दूर से उसे देख

By Aditi Goel
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