STORYMIRROR
होम
श्रृंखला
कहानी
कविता
कोट
ऑडियो
खरीदें
प्रतियोगिताएं
पुरस्कार
अकादमी
हमारे बारे में
हमारे साथ जुडे
संपर्क करें
लॉग इन करें
Sign Up
Terms & Condition
गोपनीयता नीति"
श्रृंखला
कहानी
कविता
कोट
ऑडियो
प्रतियोगिताएं
पुरस्कार
खरीदें
अकादमी
गिवअवे
हमारे बारे में
संपर्क करें
कितने गूढ़ है...
कितने गूढ़ है...
En
English
Hi
हिन्दी
Gu
ગુજરાતી
Ma
मराठी
Or
ଓଡ଼ିଆ
Bn
বাংলা
Te
తెలుగు
Ta
தமிழ்
Ka
ಕನ್ನಡ
Ml
മലയാളം
लाइब्रेरी
नियम और शर्ते
गोपनीयता नीति"
साइनअप
लॉग इन
En
English
Hi
हिन्दी
Gu
ગુજરાતી
Ma
मराठी
Or
ଓଡ଼ିଆ
Bn
বাংলা
Te
తెలుగు
Ta
தமிழ்
Ka
ಕನ್ನಡ
Ml
മലയാളം
फीड
लाइब्रेरी
लिखें
सूचना
प्रोफाइल
कितने गूढ़...
“
कितने गूढ़ है ज़िन्दगी के रहस्य अक्सर सोचती हूँ मैं जो लिखा नहीं कहीं, मन क्यों उसे पढ़ता है कभी शहद सी मीठी,कभी नीम सी कड़वी फिर सोचा चलो रहस्य सुलझाते है ज़िन्दगी को अपने लिए फिर से मोड़ लाते हैं।
”
By
RAJSHRI YADAV
329
inspirational
romance
More
hindi quote
from
RAJSHRI YADAV
सब देखें
21
Likes
0
Comments
24
Likes
0
Comments
15
Likes
0
Comments
26
Likes
0
Comments
20
Likes
0
Comments
25
0
00:00
00:00
Download StoryMirror App