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खोल के देखा...
“
खोल के देखा है मैंने ज़ख़्मों को बार -बार किसी अपने के ही दस्तख़त मिले हर बार शहला जावेद
”
By
Shehla Jawaid
408
tragedy
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hindi quote
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Shehla Jawaid
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