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कब तक अनवरत...

कब तक अनवरत काम करते रहूँ, कब तक बस वेतन की लालसा रहे , अपनी मर्ज़ी से खुली हवा में उड़ सकूँ , ऐसी चाहत हर पल गुनगुनाती रहे 🌻 - दिव्या श्री प्रभा

By Divya Shri Prabha
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