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"कालजयी...

"कालजयी संवेदना" मैं लिखना चाहता हूँ प्रतिक्षण मौन हो अश्रु बन भीतर ही भीतर भीगी हुयी उन समस्त कालजयी संवेदनाओं को जो एक नारी के मुख पर झूठी मुस्कुराहट के पीछे दबी होती है। #writershaani

By Payal Sawaria
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